हमारी ऐतिहासिक यात्रा
स्थापना, संघर्ष, स्वाभिमान और व्यापारिक एकता की एक ऐतिहासिक यात्रा
UNITY • PRIDE • BUSINESS
स्थापना, संघर्ष और स्वाभिमान की शुरुआत
एक संगठन की शुरुआत, जिसने व्यापारियों की आवाज़ को एकजुट करने का संकल्प लिया।
जयनगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स की स्थापना
जयनगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स की स्थापना 8 जनवरी 1994 को व्यापारियों के स्वाभिमान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी।
1990 के दशक में जब स्थानीय व्यापारी असामाजिक तत्वों, रंगदारी और प्रशासनिक कठिनाइयों से जूझ रहे थे, तब "व्यापार करो स्वाभिमान के साथ" (Do Business With Pride) के संकल्प के साथ इस संगठन की नींव रखी गई।
9 जनवरी 1994 को सत्यनारायण भगवान मंदिर परिसर में हुई बैठक में संस्था का नामकरण 'जयनगर चैम्बर ऑफ कॉमर्स' किया गया।
तब से लेकर आज तक यह संगठन छोटे-बड़े सभी व्यापारियों और फुटपाथ व्यवसायियों की मजबूत आवाज़ बनकर उनके स्वाभिमान और हितों की रक्षा कर रहा है।
संगठनात्मक शक्ति और ऐतिहासिक उपलब्धियां
स्थापना के बाद से चैम्बर ने व्यापारियों को एकजुट कर उनकी समस्याओं के समाधान और न्याय के लिए निरंतर प्रयास किया है।
चार दिवसीय ऐतिहासिक बाजार बंदी
1994 की ऐतिहासिक 4 दिवसीय बाजार बंदी चैम्बर के संघर्ष और व्यापारिक एकता की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक रही है।
व्यापारियों की एकजुट आवाज़
चैम्बर ने व्यापारियों को एकजुट कर न्याय के लिए संघर्ष किया और स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रशासन से संवाद की भूमिका निभाई।
सुरक्षा व्यवस्था में योगदान
संगठन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस पिकेट के निर्माण में योगदान दिया और व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संगठन की भूमिका: व्यापारिक समस्याओं के समाधान के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बेहतर और सुरक्षित व्यावसायिक वातावरण के लिए प्रयास करना।
सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय कार्य
व्यापारिक हितों के साथ-साथ चैम्बर सामाजिक और मानवीय कार्यों में भी हमेशा अग्रसर रहा है।
आपदा राहत सहयोग
कारगिल युद्ध, बाढ़ व भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में राहत सहयोग प्रदान करने में चैम्बर ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।
आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा
जरूरत के समय लोगों तक आपातकालीन सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से एम्बुलेंस सेवा जैसे कार्यों में भी चैम्बर की भूमिका रही है।
स्वच्छता अभियान
बेहतर और स्वच्छ वातावरण के लिए स्वच्छता अभियान जैसे सामाजिक कार्यों में चैम्बर ने योगदान दिया है।
शिक्षा एवं सहयोग
निर्धन बालिकाओं को शिक्षा सामग्री और वस्त्र वितरण जैसे कार्यों के माध्यम से सामाजिक सहयोग प्रदान किया गया है।
व्यापार से समाज तक: चैम्बर का उद्देश्य केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारियों में योगदान देना भी इसकी यात्रा का हिस्सा रहा है।
जिम्मेदार व्यापार, मजबूत राष्ट्र
व्यापारिक हितों के साथ राष्ट्रहित और जिम्मेदार व्यापारिक व्यवहार के प्रति जागरूकता।
व्यापार के साथ राष्ट्रहित
राष्ट्रहित में व्यापारियों को नियमित जीएसटी व टैक्स भुगतान के प्रति जागरूक करते हुए, चैम्बर जिम्मेदार और व्यवस्थित व्यापारिक वातावरण के लिए प्रतिबद्ध है।
जीएसटी एवं टैक्स जागरूकता
व्यापारियों को नियमित जीएसटी एवं टैक्स भुगतान के प्रति जागरूक करना।
व्यापारिक एकता
व्यापारियों के हितों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करना।
नई पीढ़ी का नेतृत्व
युवा पीढ़ी के सशक्त नेतृत्व में जयनगर के भविष्य को और मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना।
संकल्प: जयनगर को एक सुरक्षित, समृद्ध और एकजुट व्यावसायिक केंद्र बनाने के लिए पूरी निष्ठा से आगे बढ़ना।
हमारे मूल मूल्य
चैम्बर की सोच और कार्यप्रणाली के केंद्र में व्यापारियों की एकता, हितों की रक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी है।
व्यापारिक एकता
व्यापारियों को एकजुट कर उनकी सामूहिक आवाज़ को मजबूत बनाना और संगठन के माध्यम से एक साथ आगे बढ़ना।
व्यापारियों के अधिकार
व्यापारियों के स्वाभिमान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करना।
सुरक्षित व्यापारिक वातावरण
बेहतर, व्यवस्थित और सुरक्षित व्यावसायिक वातावरण के निर्माण में योगदान देना।
सामाजिक उत्तरदायित्व
व्यापारिक गतिविधियों के साथ सामाजिक और मानवीय कार्यों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाना।
एकता • स्वाभिमान • जिम्मेदारी • सेवा — इन्हीं मूल्यों के साथ जयनगर के व्यापारिक समुदाय के लिए आगे बढ़ने का संकल्प।
हमारा मिशन और विज़न
व्यापारिक एकता, जिम्मेदारी और जयनगर के बेहतर भविष्य की दिशा में हमारा संकल्प।
हमारा मिशन
जयनगर के छोटे-बड़े सभी व्यापारियों और फुटपाथ व्यवसायियों के हितों, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा करते हुए व्यापारिक एकता को मजबूत करना।
हमारा विज़न
नई और ऊर्जावान युवा पीढ़ी के सशक्त नेतृत्व में जयनगर को एक सुरक्षित, समृद्ध और एकजुट व्यावसायिक केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना।
सुरक्षित • समृद्ध • एकजुट — जयनगर के व्यापारिक भविष्य की दिशा।
